(N/A) ली शातेलिए के सिद्धांत के अनुसार,जब साम्यावस्था पर किसी निकाय का दाब कम किया जाता है (आयतन बढ़ाकर),तो साम्यावस्था उस दिशा में स्थानांतरित हो जाती है जो गैसीय प्रजातियों के मोलों की कुल संख्या को बढ़ाती है।
$(a)$ $PCl_{5(g)} \rightleftharpoons PCl_{3(g)} + Cl_{2(g)}$: गैसीय मोलों की संख्या $1$ (अभिकारक) से बढ़कर $2$ (उत्पाद) हो जाती है। अतः,साम्यावस्था अग्र दिशा में स्थानांतरित होती है और उत्पादों के मोलों की संख्या बढ़ती है।
$(b)$ $CaO_{(s)} + CO_{2(g)} \rightleftharpoons CaCO_{3(s)}$: अभिकारक पक्ष में गैसीय मोलों की संख्या $1$ है और उत्पाद पक्ष में $0$ है। गैसीय मोलों को बढ़ाने के लिए,साम्यावस्था विपरीत दिशा में स्थानांतरित होती है,इसलिए उत्पादों के मोलों की संख्या घटती है।
$(c)$ $3Fe_{(s)} + 4H_{2}O_{(g)} \rightleftharpoons Fe_{3}O_{4(s)} + 4H_{2(g)}$: दोनों पक्षों में गैसीय मोलों की संख्या $4$ है। इसलिए,दाब में परिवर्तन का साम्यावस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है,और उत्पादों के मोलों की संख्या समान रहती है।